कवितासाहित्य

प्यार का इज़हार

उठ जाग मुसाफिर मिटा दे घोर तिमिर अन्धकार
गरीब की झोपड़ी से जलाकर प्यार का इज़हार
मत कर तू अभिमान हे इंसान कर मतइनकार
गरीब बेसहारा लोगों के दिलो से भगा अन्धकार।।

मिटाकर तिमिर घोर अन्धकार कलयुग में अवतार
ये जिन्दगी चार दिन की कर सदा जीवन झनकार
बड़े बुजुर्गो बच्चो का मान सम्मान सदा ही प्यार
रोटी कपड़ा और मकान जीवन में सबका दुलार।।

आया है सो जाएगा राजा रंक फकीर , ये तू मान
किसी गरीब की झोपड़ी में जला तू चिराग आन
हे मानव तेरा जीवन आए काम मत कर अभिमान
सभी को मिले प्यार दुलार और मुहब्बत सम्मान।।

कितना भी हो घोर अन्धकार तू हो जा तैयार
किसी गरीब बेसहारा की मदद बन सबब प्यार
ना कुछ लाया है ना कुछ साथ जाएगा बार बार
तेरे कर्मो से तू तर जाएगा हर किसी अन्धकार।।

कैलाश चंद साहू
बूंदी राजस्थान

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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