कवितासाहित्य

प्रभु ने लिया अवतार

 

 

भुवन बिष्ट
बढ़ गया था धरती पर जब, 
दानव असुरों का अत्याचार। 
आये जग का संकट हरने, 
मर्यादा पुरुषोत्तम राम अवतार।। 
पिता वचन निभाने को प्रभु,
चले चौदह वर्ष का वनवास । 
भरत भी छोड़ सिहांसन तब, 
करने लगे वन में  उपवास ।। 
सारे असुर दलों को मार भगाया, 
जगत के जन जन में मुस्कान। 
तारे सुर नर मुनि जन प्राणी, 
हुये धरा संग सब जन धन्य धान।। 
भरत मिलाप में सभी करे, 
 जन जन करने लगे पुकार। 
चरण पादुका लेकर तब करते, 
 प्रभु श्री राम की जय जयकार ।
भरत भी वन में तप करने लगे, 
 देखते प्रभु राम की राह हर बार । 
आये चौदह वर्ष बाद जब, 
अवध में हुई अब जय जयकार ।। 
सज गया अवध नगर सब अब, 
बढ़ गया धरा पर सत्य का मान ।
प्रभु ध्यान तुम्हारा सदा करुँ, 
प्रभु साहस संग देना हमें ज्ञान ।।


……भुवन बिष्ट ,
रानीखेत (उत्तराखंड )

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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