गजलसाहित्य

बिन बादल कहां बरसात होगी

__कैलाश चंद साहू

बिन बादल कहां बरसात होगी
मुहब्बत में सनम शुरुआत होगी।।

दिल रखता सनम सदा आबाद
सनम तेरे मेरे संग कब बात होगी।।

रंगीन है सनम ये दुनिया यहां
सनम तेरी वफ़ा की इनायत होगी।।

दिल में थी तमन्ना तुझसे मिलने की
तेरी मेरी कब मुलाकात होगी।।

कब के बिछुड़े हम आ़ाद ही मिले
आपसे अब लंबी मुलाकात होगी।।

मिलना बिछुड़नस तकदीर कहां
अब जज़्बात भरी मुहब्बत होगी।।

खता करते मुलाकातों के दौर में
सनम तुमसे प्यार रवायत होगी।।

केवल नजरो ही गर बात हुई
अब सनम गुलजार सौगात होगी।।

उनसे मिलने की उम्मीद है आज
शायद उनसे मुलाकात होगी।।

सनम तुम्हारे बिना गुजरे दिन कैसे
अब तेरी मेरी रूबरू बात होगी।।

छोड़कर तकदीर की मस्ती जिया
अब कनक इश्क इबादत होगी।।

कैलाश चंद साहू
बूंदी राजस्थान

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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