साहित्य

भक्ति रंग (दोहे )

कल्पना भदौरिया “स्वप्निल “


राम नाम मन जाप से,सफल होय सब काज |
मनन यतन कर आज से,राम नाम सरताज ||1||

राम नाम मन रंग ले, नैन चैन सब व्यर्थ |
भक्ति रंग जो भाव में ,होत जीव का अर्थ ||2||

आन मान सब श्याम है, प्रीत गीत सब आप |
सतत गुनत जो आप को,नेह धैर्य मन जाप ||3||

सकल जगत है राम से, देख दशा सब दंग |
जन्म सफल है जाप से, भक्ति प्रेम मन रंग ||4||

बोले मनवा आज से , जप लो सीताराम |
सुनते मन की बात ये, भज लो राधेश्याम ||5||

दर्शन देंगे श्याम जी , होगा अब उद्धार |
पलपल कहता आज मन ,बेड़ा होगा पार ||6||

बजती बंशी चैन की , रखना उनका ध्यान |
आशा सबसे छोड़ दो, देंगे वो पहचान ||7||

राम राम भज प्रेम से,जपो जपो अब श्याम |
रंग भेद मन दूर कर, गुनों गुनों मन राम||8||

भजती रहती ईश को , सांसो में ले नाम।
रहती बेसुध राम जी ,आओ मेरे धाम ।।9||


कवियित्री
कल्पना भदौरिया “स्वप्निल “
लखनऊ
उत्तरप्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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