कवितासाहित्य

भगवान श्री राम की महिमा

कवि सुरेंद्र कुमार जोशी

राजीव नयन चन्द्र जैसा दीप्तीमान मुख,
भाल पर तेज कोटि सूर्य के समान है ।

भव सागर के पार कराने का है जहाज,
मन मे करो तो सही राम नाम ध्यान है ।

राम नाम को ही बार बार जपते है शिव,
‌शिवजी ने कहा राम उनके भी प्राण है ।

‌जिसका नही है कोई दूजा आसरा यहां पे,
‌ऐसे दिन दुखियो के राम भगवान है ।

भगवान प्रभु श्री राम की महिमा

कवि सुरेंद्र कुमार जोशी
देवास, मध्य प्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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