साहित्य

मंगलवार की दावत

प्रतिभा दुबे

आओ सजाएं दरबार मंगलवार का
सजाए आज गुलदस्ता सलाद का ,
वैसे तो महक रही किचन आज की
पुलाव की महक से बहुत हमारी ,
कुछ महफिल आज और जमाते हैं
चलो थोड़ा रायता भी बनाते है ।।
फिर सभी दोस्तो को करके कॉल
जटपट ऑनलाइन इंस्टा पर भी
ये महक से भरी खबर लगाते है !
” विरियानी है सभी को खानी ,
यही है मंगलवार की कहानी “
चलो कुछ नया आजमाते मैं
थोड़ा सा नूडल्स भी मिलाते है
फिर जायके का तड़का लगाकर
दोस्तों तक ये खबर पहुंचाते हैं
मिल बैठेंगे जब खाने चार यार
मंगलवार की इस दावत में भी
लग जाएंगे चार चांद तुम्हारे साथ।।

प्रतिभा दुबे ( स्वतंत्र लेखिका)
मध्य प्रदेश ग्वालियर

भोजन की महक से तो सभी लालियत होते हैं परंतु भोजन वही स्वास्थ्यवर्धक है जो ताजा और बेहतरीन है इसीलिए कम बनाए मिल बांट कर खाएं और यदि बच जाए तो तुरंत किसी को दान दे आए है क्योंकि जो भोजन आप बचा देते हैं शायद उस भोजन के साथ किसी एक जने का पेट भरे।
भोजन सदैव स्वच्छ हाथों से ही लेना चाहिए चाहे आपको कितनी भी तेज भूख क्यों ना लग रही हो अपने हाथ दोनों अच्छी तरह से धोए भोजन के पहले पानी ग्रहण करें तत्पश्चात ही भोजन आराम से चबा चबा कर खाए यदि समय नहीं है तो कोई ऐसा भोजन बनाएं जिसका आसानी से पाचन हो जाए।

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