साहित्य

मकर संक्रांति

गीता देवी

पूस माह में सूर्य जब,
मकर राशि में आता है।
चौदह जनवरी का दिवस,
मकर संक्रांति कहलाता है।।

तमिलनाडु में कहें पोंगल,
पंजाबी सब बोले लोहडी़,
दान पुण्य का दिवस यह,
बांटे गजक तिल रेवड़ी।।

प्रयागराज के संगम पर,
लगता भारी माघ मेला।
स्नान करो भक्तों यहां ,
आई मोक्ष की है बेला।।

दिल की बनी मिठाईयाँ,
करलो खिचड़ी का तुम दान।
खुश होते हैं ईश हमारे ,
देते सबको है वरदान ।।

ऊनी वस्त्र चावल गाय,
दान करें होता कल्याण।
जप तप पूजा सेवा से,
पुण्य मिले कहते हैं पुराण।।

मन मलीनता को दूर कर,
अपनों से सब मिलें गले।
झूमे नाचें खुशी मनाएँ,
प्रेम पुष्प आँगन में खिले।।

गीता देवी
औरैया उत्तर प्रदेश

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