कवितासाहित्य

मजदूर की महत्ता

__डॉ माधुरी त्रिपाठी


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ललाट पर श्रम की बूंदे,
कंधे पर पड़े स्याह निशान
धूल धूसरित तन बदन
फिर भी चेहरे पर मुस्कान
वह मजदूर महान, वह मजदूर महान
कर्मवीर है वह नेक दिल इंसान
तपती धूप, कड़ाके की ठंड
मूसलाधार बारिश चौमासा
श्रम शक्ति से सृजन करे
वह मजदूर महान वह मजदूर महान
कर्म पथ का वह पथिक
जिसके श्रम का मैं करूं बखान
खुरपी फावड़े कांवर लेकर
पेट की भूख के खातिर
अपना हाथ पांव चलाता है
वह मजदूर महान वह मजदूर महान
बोरे बासी नमक मिर्ची खाकर
पेट की ज्वाला शांत करता है
ना शिकवा ना शिकायत
अपनी मर्जी का मालिक
चैन की नींद सो जाता है
वह मजदूर महान वह मजदूर महान
तन ढकने को पुराने वस्त्र
कंधे पर जिम्मेदारी का बोझ
आत्म सम्मान कायम रखकर
स्वाभिमान का बोध कराता है
वह मजदूर महान वह मजदूर महान
इतिहास के पन्ने में अंकित हो
मजदूरों की महत्ता वर्णित हो
मजदूर को दो बराबर का सम्मान
मजदूरों के श्रम पर अभिमान
वह मजदूर महान वह मजदूर महान।

डॉ माधुरी त्रिपाठी रायगढ़ छत्तीसगढ़

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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