कवितासाहित्य

मन में उठी उमंग, झूम उठा तन मन

__मणि बेन द्विवेदी
देवरिया उत्तर प्रदेश


मन में उठी उमंग, झूम उठा तन मन!
राह खड़ी देखती है, पिया की संवरिया!!

गए परदेश पिया, गोरी के जरावे जिया!
सुध बिसरा के गोरी, हो गई बावरिया!!

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नैनों में नींद नाही, जीयरा में चैन नाही!
जिया डरी जाय नभ, गरजे बिजुरिया!!

नयना से नीर बहे, मन में ना धीर लहे!
नागिन सरीखे मोरा, लागे री सेजरिया!!

मणि बेन द्विवेदी
देवरिया उत्तर प्रदेश

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कुमार संदीप

अध्यापक सह लेखक । निवास स्थान- सिमरा(मुजफ्फरपुर) बिहार । विभिन्न साहित्यक पत्र पत्रिकाओं में निरंतर रचना प्रकाशन । कई साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित । वर्तमान में ग्रामीण परिवेश में अध्यापन कार्य सहित दि ग्राम टुडे मासिक व साप्ताहिक ई पत्रिका के अलंकरण का कार्य।

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