साहित्य

मल्हार न जायेगे री

डॉ रामशंकर चंचल

आज पिया ना आयेगे री
बांट न देखो सजनी पी की
आज पिया ना आयेगे री
आज रूप के आषाढ़ी बादल
मल्हार न जायेगे री

मत तरसाये दिल को रानी
राजा तेरा मनामोजी है
आ जाये तो पल में आये
ना आये तो युग तरसायें

जुड़े में क्यों डाल रही है
जूही के अंबार सजनिया
अंगो में क्या पाल रही हैं
अभिसारो का प्यार सजनिया

आहो के ये प्याले है तेरे
जीवन का तकरार सजनिया
आंसू के मोती मत बेचो
चुम्बन का इकरार सजनिया
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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