साहित्य

महावीर प्रसाद द्विवेदी

कमलेश मुद्ग्ल

नारी शक्ति का किया सदैव सम्मान
अनूठी शैली में लिखना बन गई पहचान
हिंदी को जन जन तक पहुँचाया

परिष्कृत और परिमार्जित किया

गद्य के थे ऐसे निर्माता
पाँच मई सन् 1864 को जन्म हुआ

विलक्षण प्रतिभा के धनी
संस्कृत, हिंदी, बांग्ला, मराठी,

आदि का स्वाध्याय से भाषा पर पकड़ बनाई

अनेकों पत्र पत्रिकाओं में छपते थे लेख


रेलवे की करके नौकरी कर किया जीविकोपार्जन


नौकरी से जब मन भरमाया


जीवन अपना सारा साहित्य में लगाया

ऋणी रहेंगे युगों युगों तक कार्य जो साहित्य में किया


कमलेश मुद्ग्ल

(नई दिल्ली)

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