कवितासाहित्य

माँ! तुम्हें प्रणाम!


__मीना जैन

भारत माँ तुमको नमन!
पृथ्वी माँ तुमको नमन!
संस्कार दायिनी,
जन्मदायिनी माँ तुमको नमन!

तुमने प्रश्न किया
दुनिया में सबसे सुंदर क्या है?
मेरा उत्तर केवल एक!
सबसे सुंदर मेरी माँ है!

माँ कोख में धरती, गोद खिलाती
जीवन अमृत पान कराती
उपकार तुम्हारे इतने मुझ पर
शब्दों से मैं कह न पाती!

तुमने दी आँचल की छाँव
तुम हो मेरी प्यारी माँ!
कोटि-कोटि नमन तुम्हें
तुम हो जग से न्यारी माँ!

मीना जैन
गाजियाबाद।

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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