साहित्य

माँ महागौरी

सुधीर श्रीवास्तव


माँ जगदम्बे का अष्टम रूप
माँ महागौरी कहलाये,
श्वेत वस्त्र आभूषण से अलंकृत
माँ श्वेतांबरा भी कहाये।
चार भुजाओं वाली मैय्या
त्रिशूल डमरु संग सुहाए,
शंख, चंद्र, कुंद की महिमा
माँ के मन को भाये।
वृषभ वाहन धारिणी मैय्या
वृषारूढ़ा भी कहलाये,
न्यायप्रिय और शांत मुद्रा माँ की
मन को बहुत रिझाये।
माँ अन्नपूर्णा रूप में भी
माँ को पूजा जाये,
अमोघ फल दायिनी मैय्या
आठ वर्ष की आयु पाये।
विपरीत परिस्थिति हो कितनी
तनिक न चिंता करिए,
धैर्य करो धारण जीवन में
ये ही संदेश बताए।
✍सुधीर श्रीवास्तव
     गोण्डा(उ.प्र.)
    8115285921

50% LikesVS
50% Dislikes

Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!