साहित्य

मुस्कान बनाये रखना

मुझे देख वो मुस्कुरा जाते है…..
अपना हर गम दर्द
हमसे ही वो छूपा जाते है………
कैसे ना मुस्कुराऊँ मै
मैं उन्हें देख कर………..
मेरी ज़िन्दगी के खुशियों के लिए
वो खुद को भूला जाते है ……..
सपनो की बात कौन करे
उनके लिये मेरी खुशिय़ां……..
ऑर मेरी मुस्कान ही
उनकी ज़िन्दगी होती है……..
इसलिये तो ओं मेरी
मेरी एक मुस्कान के लिये…….
इस जन्हाँ तो क्या सारे जँहा से
मेरे सपने दुनिया भर की खुशियाँ
बटोर कर मेरे दामन मे.भर जाते हैं…….
ख़ुशियों के सागर दिल मे लिये
दिल ही दिल से खुश हो जाते है ……….
.अपने दर्द को सिने में रख
हर पल मेरी खुशियो को
अम्बार लगा जाते है….
मेरे सपनों का दामन पकड़े
मेरे पीछे मेरे हर ख्वाब को सजाये
आगे बढ़ना हरपल सिखलाते हैं
मेरे सपनों में पानी हवा मिट्टी देकर
सींचना बखूबी जानते है
जँहा पर होती परेशानियों का सागर
मुझे थोड़ा समझाते है
कभी कुछ मांगा नही कभी कुछ लिया नही
कभी उनसे मिली नही
फिर भी दूर रहकर
मेरे सपनों में जान डाल जाते है
एक प्यारा सा चेहरा उनका
लंबा से मुखमण्डल
पीताम्बर से रंग उनका
विज्ञान के प्रति रुचि उनकी
बाल कांग्रेस के में साथ निभाते
दोस्त वो मेरे कहलाते
प्यार का कोई नाता नही
जीवन मे बस समझाते
दोस्ती की बुनियाद मजबूत
यही हर पल समझाते
मेरी खुशियाँ चाहे वो
मुझको बस ये समझाते
कभी जरूरत हो आवाज देना
हर पल तेरी मदद करूँगा
तेरा साथी तुम हो अच्छी
हर पल खुद के साथ रखूँगा
ज़िन्दगी मे हरदम मुस्कुराते
हूए सारे गम को भूल जाते है .
अपनी मुस्कान बनाये रखना
अपने जीवन मे कामयाब बनना.
कामयाबी के शिखर पर जाकर
मुझको बस एक बार याद कर लेना
नाता दोस्ती का कंहू या पेरेंट्स का
बस दिल से ये समझाते
अपना घर बसाना तुम
बगियाँ में सुन्दर फूल खिलाना तुम
माँ बाप की सेवा करना
प्रेम जाल में न पड़ना
घर को मंदिर बनाकर
सुख सागर का स्वप्न भरना तुम
अपनी अच्छी बातों को
अपनी सुन्दर यादों को
अपने दिल मे रखना वैसे
जैसे सुन्दर सौगातों को
प्यारी सी मुस्कान बनाये
अपने सपनो को महकाये
जीवन को ख़ुशियों का संसार
बस मुस्कान बनाये रखना तुम …

कुमारी मंजू मानस
बिहार शिक्षक
छपरा सारण

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