साहित्य

मृत्यु का कारण बस मृत्यु है

मुझे यह समझ में नहीं आता कि सुशांत और सिद्धार्थ की मृत्यु के कारणों में मीडिया और सोशल मीडिया के कुछ बुद्धिजीवियों द्वारा प्रेम-प्रसंग को भी एक कारण क्यों माना जा रहा है ? अगर प्रेमिकाएँ बदलना मौत का कारण बन सकती है तो कोई सलमान खान की प्रेमिकाओं के नाम गिना सकता है ?
यह अदलने- बदलने का काम भी दोनों तरफ से होता है । यह प्रमुख कारण होता तो सबसे ज्यादा मौतें महिला कलाकारों की होनी चाहिए थी । प्रियंका चोपड़ा और माधुरी दीक्षित को छोड़ दीजिए । अभी तो रेखा जी ही हमारे सामने हैं जिनके नाम के साथ अनेक नाम जुड़े हैं । सबसे पहले तो उन्हें ही यह दुनिया छोड़ देनी चाहिए थी क्योंकि महिलाएँ ज्यादा भावुक होती हैं ।
बात यह भी है कि कोई पहले वाले से अधिक अच्छा लगने लगता है तभी तो दूसरा करीब आ जाता है ! यह स्थिति डिप्रेशन तो बिल्कुल नहीं ला सकती ! फिल्मी प्लेटफार्म ऐसी जगह है जहां ज़िन्दगी की गाड़ी तभी स्टेशन पर खड़ी होती है जब वहां उनकी पूछ खत्म होने लगती है , उनका रंग-रूप साथ छोड़ने लगता है तब उन्हें जीवन में स्थायित्व की आवश्यकता महसूस होने लगती है !
रही ड्रग्स और शराब सेवन की बात तो कौन वहां दूध का धुला है लेकिन कोई मरता तो नहीं ? सुशांत केस में एनसीबी ने छापेमारी कर हड़कंप मचा दी । कैसे कैसे आदर्श माने जाने वालों के चेहरे सामने आए ! पीकर गाड़ी चलाते हुए फुटपाथ पर सोए कई मजदूरों को कुचल देने के आरोप में भी एक अभिनेता आरोपी थे !
जिम और वर्क आउट करने वालों के लिए सप्लीमेंट्स और दवा लेना आवश्यक है । लेकिन हम कौन सी दवा लेते हैं यह जानना भी जरूरी है । अभी कोरोना महामारी काल में स्टेरॉइड नामक दवा के बारे में कहा गया कि इसके साइड इफैक्ट्स के रूप में हार्टअटैक की पूरी संभावना होती है । रोहित सरदाना का दुखद निधन भी सम्भवत: इसी दवा के कारण हुआ । अगर सिद्धार्थ यह दवा लेते थे तो सिद्धार्थ की दिमागी हालत के बारे में भी सोचना पड़ेगा । मुकदमा उनके फैमिली डॉक्टर पर चलना चाहिए कि प्रतिबंधित दवा क्यों दिया गया लेकिन इसकी संभावना कम है !
बॉडी बिल्डिंग का काम भी सलमान खान के जमाने से ही शुरू हो गया था । दवाएँ तो वे भी खाते होंगे ? हमारा खेल जगत भी इस तरह की प्रतिबंधित दवाओं का आरोप झेलता रहा है ।
पहली बात कि कोई भी शारीरिक क्रिया चाहे वह योग ही क्यों न हो प्रशिक्षित गुरु के निर्देशन में ही करना चाहिए । शरीर की किन क्रियाओं का शरीर पर क्या असर पड़ता है यह हमारा शरीर ही बताने लगता है । सुशांत जैसा पढ़ा लिखा लड़का यदि किसी दवा का सेवन करता था तो यह दुर्भाग्य पूर्ण ही था । सिद्धार्थ के साथ भी यही कहानी है किन्तु एक प्रश्न उठता है कि जीरो साइज फिगर पाने के बाद हिरोइनें शान से जीवित ही नहीं रहीं बल्कि माँ भी बनीं (करीना कपूर ) फिर इन युवा अभिनेताओं को क्या हुआ कि ये बेमौत मरने लगे ?
यदि बात स्त्री और संबंध बदलने की है तो जिनके यहां चार वैधानिक वैवाहिक संबंध है वह हरगिज नहीं होता । राजा महाराजाओं के हरम हुआ करते थे । बहु विवाह की प्रथा थी । इनमें से कोई एक मृत्यु का कारण नहीं था ।
विचारोपरांत निष्कर्ष यही निकाला जा सकता है कि मृत्यु को अपने समय पर आना है वह आएगी और हममें से किसी को ले जाएगी । ईश्वर के विधान में व्यवधान नहीं डाला जा सकता !!
कश्मीरा सिंह ।

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