साहित्य

मेरा पहला पहला प्यार

विनोद कुमार

मेरा पहला पहला प्यार ना मिला
इन आँखों ने चुना जिसे, ओ पहला यार ना मिला
मेरा पहला पहला प्यार ना मिला ।
धड़कता रहा दिल, तड़पता रहा दिल
इक पल देखने को, तरसता रहा दिल
आज अब भी दिल को करार ना मिला
मेरा पहला पहला प्यार ना मिला |
जी जां से चाहते थे, बेपरवाह जहां से चाहते थे
उनको न थी खबर, हम उनको बेपनाह चाहते थे
दिल को पहले दिलबर का दीदार ना मिला
मेरा पहला पहला प्यार ना मिला |
इन्तजार करते करते, तुम्हे याद करते करते
तुम थके ही नही, हमें बर्बाद करते करते
तरसते ही रह गए इक इजहार ना मिला
मेरा पहला पहला प्यार ना मिला
दुवाओं में रब से, तुझे मांगा था हर दफा
खबर न थी मुझे, थे तुम किस बात पे खफा
तड़पते ही रह गए इक इकरार ना मिला
मेरा पहला पहला प्यार ना मिला।
ए बंदिशे आईं सिर्फ, मेरे ही हिस्से में
तब्दील हुआ मेरा प्यार, कहानियों, किस्से में
सोचते ही रह गए ओ संसार ना मिला
मेरा पहला पहला प्यार ना मिला।
तुम ग़र मेरे साथ होते, तेरे हाथों में मेरे हाथ होते
तय कर लेते ए सफ़र, रास्ते कितने भी दुस्वार होते
सिसकते हुए सपनों को साकार ना मिला
मेरा पहला पहला प्यार ना मिला।
ओ मासूमियत ओ बांकपन, ओ मदहोश अदाएं
फ़िदा हम थे तुझ पर, और फ़िदा थी ए फिजाएं
सवारूँ खुद को जिसकी खातिर ओ श्रृंगार ना मिला
मेरा पहला पहला प्यार ना मिला।
मेरा पहला पहला प्यार ना मिला |
नाम – विनोद कुमार
स्नातकोत्तर शिक्षक ( हिंदी )
केन्द्रीय विद्यालय जोशीमठ
7905817035
vk256053@gmail.com

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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