कवितासाहित्य

मोबाइल

आजकल का युवा वर्ग, मोबाइल में खोता जा रहा हैं,
मोबाइल उसका ना होकर ,युवा वर्ग मोबाइल का होता
जा रहा हैं।।
नहीं हैं, उसे अहमियत अपने बुजुर्गों की,
वो उन्हें अनसुना कर,मोबाइल से सेल्फी लेता जा रहा हैं।

माना गूगल के पास हैं, असीम ज्ञान,
पर नहीं हैं, उसे सही गलत का भान।।
कुछ वक्त मोबाइल छोड़ बुजुर्गों के साथ भी बिताओ
उनके संस्कारों की छांव से अपना जीवन महकाओं।।

लाइक/कमेंट से ज्यादा आनंद आयेगा,बुजुर्गों से
अपनापन तो जताओं
आजकल का युवा वर्ग,मोबाइल में खोता जा रहा हैं,
मोबाइल उसका ना होकर,युवा वर्ग मोबाइल का होता
जा रहा हैं।।
युवा वर्ग अपना स्वास्थ्य भी खोता जा रहा हैं,
मोबाइल के लाइक,पोस्ट, शेयर के कारण
युवा वर्ग, अपना बहुमूल्य स्वास्थ्य और समय
खोता जा रहा हैं।
आजकल का युवा वर्ग,मोबाइल में खोता जा रहा हैं,
मोबाइल उसका ना होकर,युवा वर्ग मोबाइल का होता
जा रहा हैं।।

-जागृति शर्मा, छत्तीसगढ़

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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