गजलसाहित्य

रात अंधेरी चाहिए।।

__कैलाश चंद साहू

भूख से बेहाल बच्चो को कोई रवानी चाहिए
खेल में शामिल होकर जिंदगी की कहानी चाहिए।।

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नही
आसमा से जमी पर चांदनी आनी चाहिए।।

अब तो इन बहशियो की हार होनी चाहिए
जिंदगी मुहब्बत के मुकाम से नहीं बहकनी चाहिए।।

मुकम्मल है खुशियां इस दर्द भरे जहां में
खुशियों से भरा इक चांद हमे यूं जिंदगी चाहिए।।

भुला नफरतों को हमे गले मिलना चाहिए
रोशन करदे शमा दिलो में ऐसी भावना होनी चाहिए।।

हर तरफ उदासियां सन्नाटा छा गया है दोस्तो
बस उनके जीवन में अब मुस्कान आनी चाहिए।।

खूबसूरत है उनकी जिंदगी की कहानी अब
देख उनकी सूरत मोहब्बत में रवानी चाहिए।।

गर वफ़ा निभाना नहीं आता तो प्यार भूल जा
आनंद जब तलक रहो आगोस में रात अंधेरी चाहिए।।

कैलाश चंद साहू
बूंदी राजस्थान

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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