साहित्य

राम जन्म

अलका गुप्ता ‘प्रियदर्शिनी’


हे रघुनंदन दशरथ नंदन,
जय जय जय श्री राम,
ओ हनुमत जप्त रहे भगवान।

राम जन्म भयो अवध नगरिया,
द्वार बजे दशरथ की बधइयां,
पुत्र प्राप्ति कर रानी कौशल्या, दिल से रही हर्षाय
ओ हनुमत जपत रहे भगवान।

राम के संग जन्म में चारों भैया, खुशी मनावें तीनों रनिया,
चहुं दिशि नाचे सब नर नारी, अवध को दिए सजाएं।
ओ हनुमत जपत रहे भगवान।

जग में छाया जब निपट अंधेरा, कष्ट ने हर जन को आ घेरा,
नियति नियंता जन्मे अवध में,
सुख के कुसुम बरसाय।
ओ हनुमत जपत रहे भगवान।

राजा दशरथ के राज्याधिकारी, अवध जन मत की आंख के तारे,
राम जन्म पर बांट मिठाई,
‘अलका’ राम मय गाय।
ओ हनुमत जपत रहे भगवान।

हे रघुनंदन दशरथ नंदन,
जय जय जय श्रीराम,
ओ हनुमत जपत रहे भगवान।

अलका गुप्ता ‘प्रियदर्शिनी’
लखनऊ उत्तर प्रदेश
स्व रचित मौलिक व अप्रकाशित
@सर्वाधिकार सुरक्षित।

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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