कवितासाहित्य

लम्हे

__चन्द्रकला भागीरथी

बीते जीवन के लम्हे।
कभी भूले नहीं जाते।
ये वो यादे है जिनसे जुड़े।
है जीवन के नाते।।

बचपन में खेले कुदे।
बिना फिक्र जीवन गुजारा।
माता-पिता के थे प्यारे।
दादी दादा का भी मिला सहारा।
इन लम्हों को।
यादों में सजोया हमने।।

बीते जीवन के लम्हे।
कभी भूले नहीं जाते।।

स्कूल जाना पढना लिखना।
स्कूल के फंगसन में भाग लेना।
अच्छे नंबर लाकर।
माता-पिता का आशीष लेना।
सहेलियों की नोक झोक।
टिफन बाट कर खाना।
इन यादों को कभी भुला नहीं पाते।।

बीते जीवन के लम्हे।
कभी भूले नहीं जाते।।

कितना सुंदर सुनहरा बचपन।
फिर लौट के कभी न आना।
ये वो प्यारी यादों के लम्हे हैं।
जिनको अपने बच्चों में देखे।
अब पोती पोते में देखने के है सपने।।

बीते जीवन के लम्हे।
कभी भूले नहीं जाते।
ये वो यादें हैं जिनसे।
है जुड़े जीवन के नाते।।

चन्द्रकला भागीरथी

धामपुर जिला बिजनौर उतर प्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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