साहित्य

शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर भागीरथी सांस्कृतिक मंच , गोरखपुर की 714 वीं काव्य गोष्ठी संपन्न हुई।


शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर भागीरथी सांस्कृतिक मंच , गोरखपुर की 714 वीं काव्य गोष्ठी संपन्न हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि चंद्रगुप्त प्रसाद वर्मा अकिँचन जी व संचालन वरिष्ठ कवि सत्य नारायण ‘पथिक’ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती तारा सिंह’अंशुल’ की वाणी वंदना से हुआ।
तत्पश्चात उन्होंने शहीदों के सम्मान में कहा-
वतन परस्ती जुनून मन में हिंदुस्तान है।
करके जां निसार चले, वतन की शान है।।
वरिष्ठ गीतकार राम सुधार सिंह सैंथवार जी ने देश की सीमा पर डटे सैनिकों को अपने गीत में यूं बयां किया —
मरकर भी वे अमर हो जाते,दिल में जिया करते हैं।
कीर्तिमान की नव परिभाषा आए दिन ही गढ़ा करते हैं।।
अरुण दास ब्रम्हचारी जी ने आज-कल के हालात पर ग़ज़ल पढ़ी —
बेख़ौफ़ है हयात जिये जा रहा हूं मैं,
अश्कों के बदले खून पिये जा रहा हूं मैं।
अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि चंद्रगुप्त प्रसाद वर्मा अकिंचन जी ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए कहा उनका जीवन दर्शन सचमुच बेमिसाल है।
अन्य जिन कवियों ने काव्य पाठ किया उनके नाम हैं- सर्वश्री सत्य नारायण ‘पथिक’ व चंद्रगुप्त प्रसाद वर्मा अकिँचन आदि।
इस अवसर पर श्रोताओं में सिनेमा स्कूल के रंगकर्मी उपस्थित रहे। सभी के प्रति आभार व्यक्त किया मंच के प्रबंधक सत्य नारायण’पथिक’ने।

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!