साहित्य

सत्यम शिवम सुंदरम

शिव ही सत्य है और सत्य ही सुंदरतम है,
बात नहीं यह कोई भी नवीनतम है।

आदिपुरुष के रूप में विश्व ने जिनको पहचाना,
आज उनकी महिमा से कोई नहीं है अनजाना।

अर्धनारीश्वर रूप हो या तांडव करते महादेव,
दुनिया यह सत्य जानती है देवों के देव है महादेव।

शिव और सती से ही विश्व ने सृष्टि पाई,
इस सुंदर सत्य को आज तक किसी ने मिटा नहीं पाई।

चरम और परम की अद्भुत यह संयोग है,
जहां से आये वही जाने का सबका योग है।

सत्यम शिवम सुंदरम की अलौकिकता की हमें कहाँ पहचान है,
सिद्ध पुरुष भी इस सत्य को समझने में अनजान हैं।

सत्यम शिवम सुंदरम के जाप से मन शुद्ध हो जाता है,
इसके बिना मानव लौकिक दुनिया में भटक जाता है।

सत्य की चट्टान पर शिव की महानता के नाम पर सुंदरता की ही शान है,
बाकी सब है फीके,रसविहीन दुनिया की पहचान है।

स्वरचित- मौलिक रचना
मीना माईकेल सिंह✍️
कोलकाता

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!