साहित्य

होश में रहना प्यार मत करना

भारती शर्मा “फिरदौस “

हमको तुम बेक़रार मत करना
वादे हम से हज़ार मत करना

दिल जिगर रूह मेरी आशिक़ है
दिलजले का सुधार मत करना

मुद्दतों रूह भटकी फिरती है
होश में रहना प्यार मत करना

कब किधर से निकल ये जाएगी
सांस का ऐतबार मत करना

खुल के मिलना ज़िन्दगी से तुम
दिल को अपने हिसार मत करना

बादशाही रहेगी तेरी भी
भूल कर भी उधार मत करना

भारती शर्मा “फिरदौस “🌹💞🙏🌹💞🙏

फेंकते हो तेजाब चेहरों पर
इश्क़ का यूँ शिकार मत करना

प्यार से वार करना जितना भी
शर्त है छुप के वार मत करना

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
error: Content is protected !!