कवितासाहित्य

अक्षय तृतीया ईश्वर का रूप

कुलदीपसिंह रुहेला

मिल के सारे आज नया कुछ कर जाते हैं

आओ मिलके अक्षय तृतीया मानते है
वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया को
है अक्षय तृतीया का योग

मिल जाता हैं हर वर वधु का
इस दिन विवाह का योग
ईश्वर के चरणो में करते है
पूजा के फूल सब अर्पित

जीवन की होती हैं हर साधना समर्पित
सर्व गुण सम्मान की मनोकना होती पूर्ण
विष्णु भगवान की पूजा करके
भक्ति में शक्ति से होता मन भाव विभोर

जो मांगे ईश्वर से मुराद हो जाती है पूरी
इच्छा हो जागृत मन की होती सबकी पूरी
महर्षि परशुराम का जन्म दिवस है आज,
सोने से परशुराम भगवान को सजाते है

कृष्ण सुदामा को कुबेर का खजाना बताते है
ईश्वर की कृपा का संदेश अक्षय तृतीया को बताते है
ईश्वर के दर्शन का आज शुभ दिन है आया
खुशियां ही खुशियां आज अक्षय तृतीया पर आया !

कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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