कवितासाहित्य

खुदा ने उसे क्या सोच के बनाया है
चेहरे में नमी होठों पे मुस्कान और उसपे
सुर्ख काले जुल्फों का साया है
जब वो इतराती है तो
दिल बहक सा जाता है
कभी कभी सोचता हूं नजरें ना मिलाऊँ
लेकिन तन्हाई के साए में जब उनके ना होने का एहसास होता है तो दिल ठहर सा जाता है
ऐ खुदा बेशक वो मेरी जिंदगी का हिस्सा नहीं है
फिर भी कोई अगर ये कह दे तो
मेरे जेहन ओ जिगर पे कहर सा ढाता है
सोचता हूं कि कह दूँ दिल की बात उनसे
जब ये सोचता हूं कहीं वो नाराज ना हो जाये
तो कमबख्त दिल मेरा डर सा जाता है!
नाम :-कामरान
पता: – पटना (बिहार) 801505
मोबाइल :- 9155584848

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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