साहित्य

भारत अपना विश्व गुरु है

डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
इसकी सभ्यता संस्कृति परंपरा निराली।।

गण परिवेश पहनावा सुंदरता भी अद्भुत।
ऋतुयें पर्यावरण प्रकृति सुन्दर मतवाली।।

खान पान पर्व त्यौहार तरह तरह रखता।
धर्म मजहब गंगा जमुनी संस्कृति रखता।।

आपस में प्रेम सौहार्द्र भाई चारा रखता।
सुख दुःख में हर मजहब संग खड़ा रहता।।

ईद बकरीद हो होली में आपस गले मिलें।
मीठी सेवईं गुझिया एकदूजे को यहीं मिले।।

हर धर्म और संप्रदाय के लोग यहाँ बसते।
शिक्षा ले नौकरी व्यवसाय कामधंधा करते।।

कोई पढ़े नमाज़ मस्ज़िद में पूजा करें मंदिर।
चर्च जायें प्रार्थना में अरदास गुरूद्वारे करते।।

सुबह अज़ान भी होती और घंटी शंख बजे।
उठे ताज़िया भी और माँ की झाँकी भी उठे।।

सजते है चर्च मंदिर मस्ज़िद और ये गुरूद्वारे।
सब धर्मों के धार्मिक जुलुस भी यहीं पर उठे।।

ऋषियों मुनियों महापुरुषों का देश है भारत।
श्री राम कृष्ण गौतम महावीर का देश भारत।।

राजा महाराजा एवं नवाबों का देश है भारत।
स्वामी विवेकानन्द सुभाषचंद्र बोष का भारत।।

गुरु नानक गोविन्द तेग बहादुर का है भारत।
ईश्वर अल्ला ईशा वाहेगुरु का अपना है भारत।।

धन्वंतरि सुखेन चरक पतंजलि अत्रि से भारत।
हरिशचंद्र दधीचि वशिष्ठ विश्वामित्र का भारत।।

प्राकृतिक जड़ी बूटियों से भरा अपना भारत।
झरने पहाड़ नदियों से वन सम्पदा से है भारत।।

कितना भी गिनाऊँ भारत की शान में भारत।
थक जाऊंगा पर गिना न पाउँगा गर्व है भारत।।

कितनी विविधताओं से समृद्ध भरा है भारत।
विश्व गुरु है अपना चमकता आगे बढ़ता भारत।।

रचयिता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.
(शिक्षक,कवि,लेखक,समीक्षक एवं समाजसेवी)
संपर्क : 9415350596

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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