साहित्य

भोजपूरी देवि गीत – चरनीया ये माई

श्याम कुंवर भारती

फूल अढहुलवा चढ़ाई तोर चरणीया ये माई।
जगावा मोर भगिया गीरली हम जमिनिया ये माई।

करबू जे किरीपा त घर उंजियार होई जाई।
फरेबू जे नजरिया त मोर उद्धार होई जाई।

आरती उतारी गाई तोर भजनिया ये माई ।
फुल अढहुलवा चढ़ाई तोर चरनिया ये माई।

शेरवा सवारी तोर गरजे घनघोर जमनवा ।
अबोध बलकवा पुकारे होई मन मगनवा ।

नमवा जपत माई शिहरे मोर बदनिया ये माई।
फुल अढहुलवा चढ़ाई तोर चरणीया ये माई।

लहरत घहरत आवा काली माई मोर घरवा ।
रोई रोई निहारे बलकवा माई तोर रूपवा ।

क्षमा करा भारती सब नदनिया ये माई।
फुल अढहुलवा चढ़ाई तोर चरनिया ये माई।

श्याम कुंवर भारती
बोकारो झारखण्ड

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