साहित्य

जितेन्द्र ‘कबीर’ की कलम से

अन्न की बर्बादी रोकने का सबक

देखता हूं जब-जब मैं
अपने घर के बच्चों को
आवश्यकता से अधिक भोजन लेकर
फिर उसे जूठा छोड़ बर्बाद करते हुए,

तो बरबस याद आ जाता है
मुझे अपना बचपन
डांट पड़ जाती थी जब बुजुर्गों से
अगर थाली से अन्न का एक दाना भी
कभी जो बाहर गिरे,

आंखों की भूख करने के दण्डस्वरूप जब
अक्सर दिखाया जाता था भविष्य में
भूखों मरने के श्राप का भय,

अन्न की सही कद्र करने का सबक
भले ही सीखा था हमनें
मन ही मन अपने बुजुर्गों की
कृपणता को कोसते हुए,

लेकिन बड़े हुए तो अहसास हुआ
कि कितने सही थे वो अपनी जगह
देखा जब दुनिया में लोगों को
रोटी के एक-एक टुकड़े के लिए तरसते हुए,
लड़ते-झगड़ते हुए,

आज देखता हूं मैं जब किसी को
अपना भोजन बर्बाद करते हुए
तो दुःख होता है
कि अपनी तथाकथित साधन-संपन्नता
के दंभ में
या फिर ज्यादा लाड़-प्यार के चक्कर में
हममें से बहुत लोग
सिखाते नहीं अपने बच्चों को जिंदगी का
एक बड़ा महत्त्वपूर्ण सबक यह।

मर चुकी थी पहले ही

मर चुकी थी पहले ही
व्यवस्था हमारी,
ऑक्सीजन की कमी से लोग मरे
उसके बाद में,
दर्ज नहीं हुए इसीलिए वो सब
सरकारी हिसाब-किताब में।

मर चुकी थी पहले ही
हुकूमतों की शर्मो-हया हमारी,
इलाज के अभाव में लोग मरे
उसके बाद में,
दर्ज नहीं हुए इसीलिए वो सब
सरकारी हिसाब-किताब में।

मर चुकी थी पहले ही
इंसानियत में आस्था हमारी,
दवाइयों की कालाबाजारी से लोग मरे
उसके बाद में,
दर्ज नहीं हुए इसीलिए वो सब
सरकारी हिसाब-किताब में।

मर चुकी थी पहले ही
रोगग्रस्त लोगों के प्रति
संवेदनशीलता हमारी,
कोरोना की महामारी से लोग मरे
उसके बाद में,
खर्च नहीं हुए इसीलिए बोल सबके
महामारी के दौरान लापरवाही
और बद-इंतजामी के जवाब में।

चाहते हैं हुक्मरान

चाहते हैं हुक्मरान
ऐसी व्यवस्था बनाएं,
जैसा सरकार कहे
सारे मान जाएं,

एक यंत्र की तरह
बिना प्रश्न उठाए,
आंखों वाले अंधे
कानों वाले बहरे हो जाएं,

जुबान वाले गूंगे
अक्ल वाले मूर्ख हो जाएं,
ज़ुल्म हो जिसपे वो भी
सरकार के गुण गाएं,

शोषण का शिकार
चुपचाप कहीं मर जाए,
व्यवस्था के विरोध में
कभी न आवाज़ उठाएं,

जो ऐसा न करें
उन्हें खूब बदनाम किया जाए,
झूठे अभियोग लगाकर उन्हें
जेल में डाल दिया जाए,

किसी भी कीमत पर
सरकार पर आंच न आए,
बिना किसी विरोध के
आदर्श राम-राज्य कहलाएं।

जितेन्द्र ‘कबीर’

गांव नगोड़ी डाक घर साच

तहसील व जिला चम्बा

हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314

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