साहित्य

जीवन से भरी दुनिया

सपना कुमारी

रंग बिरंगी दुनिया अलबेली सी
मस्तानी सी……….
क्या क्या रंग दिखाती सी
जीने की चाह दिखाती सी
कभी आंसुओं की धार बहती सी
कभी खुशियों के आंसू बहाती सी
ना जाने कितने रंग दिखाती सी
जीवन से भरी दुनिया में
क्या क्या रंग दिखाती सी
जीने की चाहत दिखाती सी
अनजाने डगर अनजाने सफर
ना जाने कौन से मंजिल का सफर दिखाती सी…………….
कभी खुशियों का बेला
कभी गमों का सैलाब
जीवन से भरी दुनिया में
जीने की चाह दिखाती सी
ना जाने जिंदगी के सफर में
कितने रंग दिखाती सी
जीने की चाहत दिखाती सी
मिलना और बिछुड़ना है
ना जाने कौन सी खुशियां
जिंदगी के सफर मे……
मंजिल का रास्ता दिखलाती सी
चार दिन की जिंदगी में
अधूरे ख्वाबों को जिंदगी के सफर में
पूरा करने की चाहत
जिंदगी जीने की चाहत
अलबेली और मस्तानी सी जिंदगी में
जिंदगी जीने की चाहत सिखाती सी
खुशियों का मेला जीवन से भरी दुनिया में जीने की चाह सिखलाती सी……………
ऐ वक्त न ठहरा है ना ठहरेगा
जिंदगी तो चलने का नाम गाड़ी है
लोग आते हैं चले जाते हैं
जीवन से भरी दुनिया में
जिंदगी जीने की चाह सिखलाती सी
रंग बिरंगी दुनिया में जिंदगी का सफर
जीने की चाह दिखाती सी……….
कभी हंसता है कभी रुलाता है
जिंदगी जीने की चाह दिखाती सी
ना जाने खुशियों का मेला छुपाती सी
जीवन से भरी दुनिया में जीने की चाह
दिखलाती सी……‌……………….

सपना कुमारी जहानाबाद बिहार

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