साहित्य

मन में ख़ुशी जगाना सीखो

महेंद्र कुमार वर्मा

सुख को मीत बनाना सीखो ,
दुखड़ों को अपनाना सीखो।

जीवन के हर कठिन समय में ,
हरदम ही मुसकाना सीखो।

हार गए तो विजय के लिए ,
ताकत से भिड़ जाना सीखो।

कोई समस्या आन पड़े तो ,
जल्द उसे सुलझाना सीखो।

सागर जैसे बनो साहसी ,
तारों से मुस्काना सीखो।

दूर कभी जब कोयल कूके ,
मन में ख़ुशी जगाना सीखो।

रात अँधेरा जब घिर जाए ,

जगमग दीप जलाना सीखो

[ स्वरचित एवं मौलिक रचना ]महेंद्र कुमार वर्मा
भोपाल [म.प्र ]मो –9893836328

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!