साहित्य

नारी शक्ति की जय हो

अमरेन्द्र

सिंधू के मुखड़ा पर सिन्धू के पानी।
झलकेली चानू में झाँसी की रानी।
खून होलकर के गर्म पोरे पोर भइल बा।
बात टोकियो अलम्पिक में शोर भइल बा।

भगिरथ प्रयास कइलें बहि गइली गंगा।
बबुनी के ताकत से फहरल तिरंगा।
नार सक्ती के जोर चारो ओर भइल बा।
बात टोकियो अलम्पिक में शोर भइल बा।

कवनो महकमा में सबसे ई ऊपर।
अबला से सबला आ बनि गइली सूपर।
आजु औरत से भारत अंजोर भइल बा।
बात टोकियो अलम्पिक में शोर भइल बा।

लागेला नारी के जय जय जयकारी।
देसवा के शान उजियार कइली नारी।
आब दुनिया में आजु साराबोर भइल बा।
बात टोकियो अलम्पिक में शोर भइल बा।

अमरेन्द्र
आरा भोजपुर बिहार

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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