साहित्य

नशा नाश की जड़

गिरिराज पांडे

रह रह कर वह कोने से चिल्ला उठती थी साहब मेरे बच्चे को बचा लीजिए! उसके करुण क्रंदन से संपूर्ण अस्पताल परिसर सहम सा जाता था किंतु एक डॉक्टर था जिस पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा था क्योंकि वह पैसा न पाने के कारण बच्चे का इलाज करना तो दूर बच्चे की तरफ देखकर खानापूर्ति करते हुए यह भी नहीं कह रहा था कि मैंने बच्चे को देख लिया है अब यह ठीक हो जाएगा जिससे मां के दिल को कुछ तसल्ली तो मिल जाती
बच्चे की दुख को देखकर मां का कलेजा फटा जा रहा था वहां पर उपस्थित सभी लोगों में डॉक्टर के द्वारा बच्चे की प्रति किए गए बर्ताव से घृणा पैदा हो गई थी सभी के मन में डॉक्टर के प्रति आक्रोश उमड पड़ा था किंतु सभी लाचार थे
यह डॉक्टर कितना लालची है अब तो किसी के अंदर मानवता रह ही नहीं गई है लोग कितने स्वार्थी हो गए हैं लालच आदमी को किस हद तक गिरा सकती है इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता पर्याप्त धन होने के बाद भी और अधिक धन पाने की इच्छा ने हीं पूरे समाज को तोड़ कर रख दिया है अब जनकल्याण आदर्श पालन नैतिकता जैसी बातों का स्थान नहीं रह गया है अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए लोग कुछ भी करने पर उतारू हो जाते हैं यही चर्चा वहां पर उपस्थित लोगों द्वारा होने लगी थी|

यह बच्चा जो जीवन और मृत्यु के बीच बड़ी सय्या पर दर्द से कराह रहा है जो अभी नादान है आवारा एवं नशेड़ी किस्म के कुछ लड़के उसके घर के सामने बह रहे गंदे नाले के ऊपर रखे हुए पत्थर पर बैठकर धूम्रपान गुटका एवं नशीले पदार्थ का सेवन करते थे एक दिन दुर्भाग्य से यह लड़का भी उनके बीच पहुंच गया लड़कों ने उस बच्चे को टॉफी बिस्कुट एव कुछ पैसे देने की लालच देकर उसको गुटका पूरा चबा जाने को कहा बच्चे को क्या मालूम कि यह गुटका कितना हानिकारक हो सकता है इसके आगे का क्या परिणाम होगा वह गुटका खाकर पूरा निगल जाता था लड़के रोज उसे गुटका एवं नशीला पदार्थ| खिलाते बदले में उसे कुछ पैसे ट्राफी एवं बिस्कुट भी दे देते थे बच्चे की लालच बढ़ती चली गई अब तो हर रोज ही ऐसा करने लगा जिसके कारण आज उसकी ऐसी स्थिति हो गई है
गुटखा उसके पेट में जम गया था जिसका इलाज सिर्फ आपरेशन था किंतु गरीबी के कारण पैसे के अभाव में इलाज नहीं हो पा रहा है आज उनकी मदद के लिए कोई भी लड़का आगे नहीं आ रहा है वह अब अकेला हो गया है तड़प रहा कुछ सामाजिक संस्थाएं सामने आई तब जाकर उनका ऑपरेशन हो सका

गिरिराज पांडे
वीर मऊ
प्रताप गढ़

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
error: Content is protected !!