साहित्य

प्रीत

मंजूरी डेका

🌸🌸🌸
कुछ तो कहो
प्रेम का नियम है
चुप न रहो
🌸🌸🌸
प्रीत तुम्हारा
सर्दी की धूप जैसी
उंगली फेरे
🌸🌸🌸
जब भी रोया
प्रीत की स्मृति जैसी
तेरी मुस्कान
🌸🌸🌸
सुना सुना सा
तुझ को पुकारे जो
मेरी प्रीत रे
🌸🌸🌸
वर्षों तपस्या
प्रीत की प्रियतमा
चाय चुस्की सी

मंजूरी डेका
असम

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