साहित्य

राष्ट्रीय कवि संगम ने आयोजित किया वर्चुअल कवि सम्मेलन

“मेरे गीतों की रानी हो तुम, जो कुछ भी लिखूँ कहानी हो तुम”

राष्ट्रीय कवि संगम ने आयोजित किया अपने गुजरात इकाई पर कवि सम्मेलन , जिसमें देश के कोने कोने से कवि कवयित्री शामिल हुवे। संचालन कर रहे कवि महेश चंद मिश्र ने सरस्वती वंदना के लिए राष्ट्रीय कवयित्री डॉ. ममता वैष्णव को आमंत्रित किया, उसके बाद कार्यक्रम का शुरुआत कवि विनोद अनजान ने अपने चिर परिचित अंदाज में किया और महंगाई जैसे मुद्दों पर अपने रचनाओं से अपना विचार रख लोगों का ध्यान आकर्षित किए । उसके बाद संचालन कर रहे कवि महेश चंद मिश्र ने दूसरे कवि के रूप में कवि उपेंद्र “फतेहपुरी” को आमंत्रित किया । श्री फतेहपुरी ने अपने ओज भरे रचनाओं से दर्शकों के दिल में जगह बनाई और वाहवाही लूटने में कामयाब रहे ।

मोहब्बत के राजकुमार कहे जाने वाले कवि व गीतकार शैलेन्द्र सरगम को तीसरे कवि के रूप में बुलाया गया। कवि शैलेन्द्र सरगम ने भगवान के मोहिनी रूप का वर्णन “चाँद जैसा रूप तेरा” जैसे कालजई रचनाओं में किया उसके बाद “मेरे गीतों की रानी हो तुम, जो कुछ भी लिखूँ कहानी हो तुम” से समां बाँध श्रोताओं में उत्साह भर दिया । उसके बाद देश की बड़ी कवयित्रियों में से एक डॉ. ममता वैष्णव ने अपने गीत प्रस्तुत किए और श्रोता आनंदित होते रहे, कार्यक्रम का समापन भी इन्हीं के गीतों से हुआ । आपको बतातें चले को संचालन कर रहे महेश चंद मिश्र राष्ट्रीय कवि संगम गुजरात प्रान्त के कोषाध्यक्ष भी हैं ।श्रोताओं में डॉ. सुभाष चंद रसिया , अनिमेष अटल, सुचिता पाण्डेय, सिकंदर यादव , वसंत नेमा, विनोद शंकर शुक्ल के साथ देश के कोने कोने से कई गण्यमान शामिल रहे ।

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