साहित्य

श्रधांजलि काव्य जगत के मनीषियों को जो अब हमारे मध्य नही है

गोविन्द कुमार गुप्ता
शब्द तुम्हारे अजर अमर है,
अमर तुम्हारी वाणी है,
अमर छवि है सदा आपकी ,
और अमर भी कहानी है,।।

श्रद्धा के यह पुष्प सपर्पित,
शब्दो से श्रधांजलि अर्पित,
अश्रु भरे नयनो से करते,
याद तुम्हारी कहानी है,।।

शब्द तुम्हारे अजर अमर है,
अमर तुम्हारी वाणी है,
अमर छवि है सदा आपकी,
और अमर भी कहानी है,।।

है गुलाव के फूल की माला,
चढ़ा रहा तस्वीर पे हूँ,
और पुष्प कुछ हाँथ में लेकर,
करता तुम्हे समर्पित हूँ,
अश्रु नयन से छलक उठे,
जब याद आई कहानी है,

शब्द तुम्हारे अजर अमर है,
अमर तुम्हारी वाणी है,
अमर छवि है सदा आपकी ,
अमर सदा ही कहानी है।।

गोविन्द कुमार गुप्ता,
लखीमपुरखीरी उत्तर प्रदेश

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