साहित्य

जिंदगी मेरे घर भी आना

सपना कुमारी

कुछ बातें मुझे करनी है
तुझ से शिकायत करनी है
जो अच्छे खुशहाल जिंदगी
के सपने बुने थे।…….
मुझे तुमसे शिकायत करनी है
ऐ जिंदगी मेरे घर भी आना
तुझ से शिकवा शिकायत करनी है

मेरे घर के दरवाजे पर खुशियों का दस्तक देना।………
ऐजिंदगी मुझसे क्यों रूठ गई
कल्पना में भी सोचा ना था
आजकल कैसी जिंदगी जी रही मैं
जिंदगी मेरे घर भी आना
ढेर सारी खुशियों का पैगाम लाना
रब से शिकायत करनी छोड़ दिया
ऐ जिंदगी दिल की कुछ बातें करनी है
मेरे घर के दरवाजे पर दस्तक देना
शिकवा शिकायत तुझसे करनी है
ऐ जिंदगी मेरे घर जरूर आना
आंखों से आंसू बहते हैं
इंसान से खफा नहीं रब से खफा हूं मैं
ऐ जिंदगी मुझे तुझसे दिल की बातें करनी है।……….
ऐ जिंदगी मेरे घर के दरवाजे पर
खुशियों का दस्तक जरूर देना

क्या रब से यही जिंदगी मांगा था
शांति और सुकून कहां चले गए
खैर छोड़ो इन सब बातों को
रब से शिकायत क्या करना

जिंदगी मेरे घर भी आना
नये खुशियों के पैगाम लाना
मेरे घर के दरवाजे खुले हैं
मेरे घर के दरवाजे पर खुशियों का दस्तक जरूर देना।……….
ऐ जिंदगी तुझसे दिल की बातें करनी हैं।………..
ऐ जिंदगी मेरे घर भी जरूर आना
कुछ बातें कुछ शिकवा शिकायत करनी है।……

सपना कुमारी जहानाबाद बिहार

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