राष्ट्रीय

सिर्फ हिंदी में ही है विश्व भाषा बनने का सामर्थ्य: गुरुचरण महतो

सरायकेला- एस के चिल्ड्रेन फाउंडेशन और ग्रीन पेंसिल फाउंडेशन के तत्वाधान में हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़ा के उपलक्ष्य में कल एक वैचारिक गोष्ठी किया गया। गूगल मीट पर संपन्न हुई इस कार्यक्रम की शुरुआत पूनम ने स्वागत गीत गाकर की। उसके बाद वेबिनार के माध्यम से मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में जुड़े जमशेदपुर के युवा कवि व लेखक गुरुचरण महतो ने कार्यक्रम को संबोधित किया और हिंदी भाषा के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हिंदी सिर्फ कुछ विद्वानों की भाषा न रहकर जनमानस की भाषा हो चुकी है। साहित्य की भाषा को लांघते हुए हिंदी आज बाजार की भाषा बन गई है। भाषाओं के विलुप्तीकरण के बीच हिंदी अपने को बचाने में सफल होती दिख रही है क्योंकि यह अनेक विदेशी भाषाओं को आत्मसात करती हुई आगे बढ़ रही है। उन्होंने अपने वक्तव्य में अपनी जापान यात्रा के अनुभवों का भी उल्लेख किया किस तरह वहां के विद्यार्थियों हिंदी गीतों को चाव से सुनते हैं। और इस भाषा के कारण ही मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम जैसे कई देशों में लघु भारत बनाने में हम सक्षम हुए हैं। एस के चिल्ड्रन फाउंडेशन के संस्थापक राघव शर्मा ने हिंदी के संरक्षण की वकालत पर जोर देते हुए इसे समय की मांग बताया और कहा कि हिन्दी हम सब भारतीयों के सम्मान का प्रतीक है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए नीतेश यादव ने कहा कि हिंदी हमारी मां है और बाकी भाषाएं मौसी समान। हमें सबका सम्मान करना चाहिए लेकिन मातृभाषा हिंदी को बढ़ावा भी देना चाहिए। आखिर में गुरचरण ने “सावन मास” कविता सुनाते हुए सभी हिंदी भाषा प्रेमियों से निवेदन भी किया कि हिंदी भाषा में लगातार सृजनशील लोगों को सब मिलकर सहयोग करें। अंत में कार्यक्रम अध्यक्ष आकाश महतो ने सभी मुख्य अतिथि, अतिथि व शिक्षक एवं छात्रों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्रीन पेंसिल फाउंडेशन के सह-संस्थापक गौरव मिश्रा,नवनीत कमल,मुस्कान कुमारी,राजा,अशेंद्र,अभिनंदन,प्राची, विकाश,मल्लिका आदि का अहम योगदान रहा।

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