उत्तरप्रदेश

महिला काव्य मंच की शाहदरा ईकाई की पहली काव्य गोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न

शाहदरा ! महिला काव्य मंच की शाहदरा इकाई की पहली गोष्ठी 31 जुलाई दिन शनिवार को, बहुत ही उमंग और उल्लास के साथ संपन्न हुई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में शाहदरा इकाई की अध्यक्ष आदरणीय माधुरी स्वर्णकार जी ने सभी कवयित्रियों का शब्द सुमन से स्वागत किया।मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय सविता दीदी प्रसिद्ध साहित्यकार महिला काव्य मंच की सलाहकार कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। उनकी गरिमामय उपस्थिति में सभी कवयित्रियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध कवयित्री सरिता गुप्ता जी ने इन पंक्तियों से किया_

धूप दीप अक्षत रोली, न फूलों के हार।
शब्द सुमन से करते हैं हम, आपका सत्कार।।

काव्य गोष्ठी का श्री गणेश प्रसिद्ध कवयित्री चंद्रमणि मणिका जी ने किया। पहले मांँ सरस्वती के चरणों में शब्द सुमन अर्पित किए फिर देश के वीरों के सम्मान में बहुत ही ओजपूर्ण कविता से वातावरण को देश भक्ति मय प्रेम से भर दिया।

इसी क्रम में नोरिन शर्मा जी ने स्त्री की वेदना को बहुत सुंदर शब्दों में उकेरा। शकुंतला मित्तल जी ने सावन के महीने में शिव के ऊपर बहुत खूबसूरत दोहे प्रस्तुत किए
इंदु मिश्रा किरण जी और कुसुम लता कुसुम जी ने बहुत ही मधुर स्वर से गज़ल कही। डॉ.भूपेंद्र कौर जी ने पिता के ऊपर बहुत ही मार्मिक कविता प्रस्तुत की जिससे सभी की आंँखें नम हो गई। चंचल हरेंद्र वशिष्ठ जी ने मांँ के जाने पर मांँ के चरणों में अपने शब्द सुमन से श्रद्धांजलि दी। प्राची कौशल जी, तरुणा पुण्डीर जी, अर्चना वर्मा जी, कामना मिश्रा जी,वीणा मिश्रा जी, सुनीता पुनिया जी, विजयलक्ष्मी जी, डॉ अंजू लता सिंह जी, मंजू शर्मा जी, अनामिका सिंह जी, श्यामा भारद्वाज जी, विनय पँवार जी, माधुरी स्वर्णकार जी, पुष्पेंद्र भंडारी जी, सरिता गुप्ता जी सभी कवयित्रियों ने एक से बढ़कर एक अनेक रंगों की, अनेक भावों की रचनाओं को प्रस्तुत किया।
किसी ने सावन पर गीत,दोहे ,कविता पढ़ी तो किसी ने नारी पर, देश के शहीदो पर, माँ पर, पिता पर, कारगिल के सिपाही सभी विषयों पर अद्भुत रचनाएँ पढी गयीं। रचनाओं के माध्यम से सभी को याद किया गया। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि सभी कवयित्री कार्यक्रम के प्रारंभ से लेकर अंत तक हमारे साथ जुड़ीं रहीं। अंत में शाहदरा ईकाई की अध्यक्षा माधुरी स्वर्णकार जी ने सभी का आभार प्रकट किया। मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित सविता चड्ढा जी पूरे कार्यक्रम में सभी का उत्साह वर्धन करती रहीं। अपने वक्तव्य में मुक्त कंठ से सरिता गुप्ता जी के सशक्त संचालन की और सभी कवित्रियों की रचनाओं पर विस्तार से टिप्पणी करते हुए प्रशंसा की। सविता जी ने रचनाओं को और बेहतर करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें भी बताई कि रचना को समय समय पर तराशते रहना चाहिए और वरिष्ठ कवियों को पढते और सुनते रहना भी जरुरी है।सविता चड्ढा जी ने अंत में बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल के साथ कार्यक्रम को संपन्न किया यह पूरा कार्यक्रम सरिता गुप्ता जी के संयोजन और संचालन में हुआ उनके सशक्त संचालन ने कार्यक्रम में चार चांँद लगा दिए। शाहदरा ईकाई की यह पहली गोष्ठी बहुत ही सफल रही। सभी को बहुत बहुत बधाई।

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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