उत्तराखंड

साहित्य वो कला है जो आत्मा से परमात्मा को मिलाती है : तीरथ सिंह रावत

देहरादून। साहित्य कला भारतीय संस्कृति को समर्पित उत्तराखंड की जिया साहित्य कुटुंब संस्था की ओर से राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन में मुख्य पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि साहित्य वो कला है जो आत्मा से परमात्मा को मिलाती है। देव भूमि मैं देश के अलग-अलग हिस्सों से कलम कारों को बुलाकर साहित्य और सम्मान समारोह आयोजित करना एक बड़ी बात है। देव भूमि की शान हैं। ट्रांजिट आफिसर हास्टल सभागार, रेसकोर्स देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में इंटर नेशनल ब्रान्ड एम्बेसडर महताब ख़ान चांद झरना माथुर ग़ज़ल कार संतोषी , देहरादून की वरिष्ठ साहित्य कार तथा थियेटर जगत की मशहूर अदाकारा प्रो० डाॅ श्री मति अलका अरोड़ा जी , नीलू नीलोफर विकास शुक्ला कानपुर सत्य देव सोनी मध्यप्रदेश सूर्य चंद्र सिंह चौहान मान्यता प्राप्त पत्रकार सतेन्द्र शर्मा ने काव्य पाठ करते हुए मंत्र मुग्ध कर दिया।

उत्तराखंड की जिया संस्था की अध्यक्ष श्रीमती जिया हिन्दवाल गीत की अध्यक्षता व कवि और लेखक महताब ख़ान चांद के संचालन में सम्पन्न हुए कवि सम्मेलन में संस्था की ओर से श्री वागेशवरी सम्मान व हिंदी साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित करते हुए प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत विशिष्ट अतिथि श्री दिनेश यादव जी दिल्ली रहे। जबकि संस्था की अध्यक्ष श्रीमती जिया हिन्दवाल गीत ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी देव भूमि मैं राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा

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