उत्तराखंड

कवि, साहित्यकार एवं आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ0 अशोक “गुलशन” को 9 ऑनरेरी डॉक्टरेट और 4 डी0लिट्0

डॉ0 गुलशन को 32 देशों की संस्थाओं से 512 सम्मान, पुरस्कार, उपाधियाँ एवं प्रशस्ति पत्र

बहराइच। कवि, साहित्यकार एवं आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ0 अशोक “गुलशन” को जॉर्डन, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, फिलिस्तीन और भारत से साहित्यिक सेवाओं के लिए 9 ऑनरेरी डॉक्टरेट तथा इटली, ब्राज़ील, नाइजीरिया और सर्बिया से 4 डी0लिट्0 प्रदान की गई है।
डॉ0 गुलशन को अब तक साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु 32 देशों की संस्थाओं ने 512 सम्मान, पुरस्कार, उपाधियाँ एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया है जिनमें 77 अंतरराष्ट्रीय, 185 राष्ट्रीय तथा 250 राज्य स्तर पर प्रदान किये गये हैं।
भारत के 17 राज्यों से सम्मानित डॉ0 गुलशन की कथा, पटकथा एवं काव्य विधा की 25 पुस्तकें प्रकाशित तथा पुरस्कृत हैं।
25 जून 1963 को बलरामपुर जनपद के उतरौला तहसील के अंतर्गत पिपरा एकडंगा गाँव में जन्मे डॉ0 गुलशन ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा लखनऊ विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की है। वह 1978 से रचनाओं का सृजन कर रहे हैं। लिम्का बुक, एशिया बुक, वर्ल्ड बुक आदि में अपनी उपलब्धियाँ दर्ज करा चुके 57 वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक डॉ0 गुलशन ने दोहा ग़ज़ल, मुहावरा ग़ज़ल, सबसे छोटी ग़ज़ल, सबसे बड़ी ग़ज़ल, सबसे लम्बी ग़ज़ल, सबसे लम्बा गीत और सबसे अधिक हिन्दी अखबारों के संग्रह का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
देश-विदेश से प्रकाशित 1206 नामों की पत्रिकाओं , संकलनों तथा समाचार पत्रों में डॉ0 गुलशन की लगभग तीन हजार रचनायें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा लखनऊ विश्वविद्यालय से उनके साहित्यिक योगदान पर एम0फिल0 हुई है।

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